IND W vs ENG W: लॉर्ड्स के मैदान पर ‘क्रांति’! जो रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर भी नहीं बना पाए, वो 22 साल की भारतीय गेंदबाज ने कर दिखाया; तोड़ा रिकॉर्ड

क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के 142 साल के इतिहास में ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं क्रांति गौड़; पहली पारी में चटकाए 5 विकेट।

लंदन/नई दिल्ली (indianationlive.com): भारतीय महिला क्रिकेट टीम की 22 वर्षीय सनसनीखेज तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने क्रिकेट के सबसे ऐतिहासिक मैदान ‘लॉर्ड्स’ पर एक ऐसा खौफनाक और चमत्कारी स्पेल डाला है, जिसने विश्व क्रिकेट के इतिहास को हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच के दूसरे दिन क्रांति की इन-स्विंग और आउट-स्विंग गेंदों का इंग्लिश बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। महज अपना दूसरा टेस्ट मैच खेल रही इस युवा गेंदबाज ने अकेले दम पर इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया।

इस ऐतिहासिक 5 विकेट हॉल की बदौलत क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के प्रतिष्ठित ‘टेस्ट ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वह इस पवित्र बोर्ड पर जगह पाने वाली विश्व क्रिकेट के इतिहास की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान सचिन तेंदुलकर भी अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर में लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक नहीं लगा सके थे, जिसके कारण उनका नाम इस बोर्ड पर नहीं है। लेकिन भारत की इस 22 साल की बेटी ने अपने शुरुआती करियर में ही यह अद्भुत कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

लॉर्ड्स का ऐतिहासिक 142वां साल और क्रांति का खौफनाक स्पेल

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 142 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार कोई महिला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। ऐसे ऐतिहासिक मौके को क्रांति गौड़ ने पूरी तरह से अपने नाम कर लिया। दूसरे दिन के खेल में इंग्लैंड की टीम भारतीय स्पिन और तेज आक्रमण के सामने बेबस नजर आई, लेकिन सबसे ज्यादा तबाही क्रांति ने मचाई। उन्होंने इंग्लैंड के मजबूत टॉप और मिडिल ऑर्डर को अकेले दम पर पवेलियन की राह दिखाई।

क्रांति गौड़ के ऐतिहासिक आंकड़े:

  • ओवर: 17
  • मेडन: 4
  • रन: 37
  • विकट: 5
  • इकोनॉमी: 2.17

मैच की लाइव स्थिति: क्रांति की इस कातिलाना गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड की पहली पारी महज 170 रनों पर सिमट गई। भारत ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी की थी, जिसके आधार पर टीम इंडिया को 115 रनों की विशाल और मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल चुकी है। इस बढ़त के साथ ही भारतीय महिला टीम ने लॉर्ड्स टेस्ट पर अपनी जीत की पकड़ बेहद मजबूत कर ली है।

इन 5 दिग्गज इंग्लिश बल्लेबाजों को बनाया अपना शिकार

क्रांति गौड़ ने किसी पुच्छे बल्लेबाजों को आउट नहीं किया, बल्कि इंग्लैंड के सबसे मजबूत स्तंभों को उखाड़ा:

  1. टैमी ब्यूमोंट: स्विंग होती गेंद पर चकमा खाकर स्लिप में कैच दे बैठीं।
  2. मैया बाउचियर: क्रांति की एक शानदार इन-स्विंगर पर पूरी तरह बीट हुईं और क्लीन बोल्ड हो गईं।
  3. ऐलिस कैप्सी: लगातार बाहर जाती गेंदों के बाद एक अंदर आती गेंद पर एलबीडब्ल्यू (LBW) हुईं।
  4. नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान): इंग्लैंड की सबसे खतरनाक बल्लेबाज और कप्तान साइवर-ब्रंट को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर क्रांति ने इंग्लैंड की कमर ही तोड़ दी।
  5. लॉरेन बेल: बेल को आउट करते ही क्रांति ने अपना पांचवां विकेट पूरा किया और लॉर्ड्स के मैदान पर इतिहास रच दिया।

महान झूलन गोस्वामी का 21 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त, बनाए कई महा-कीर्तिमान

अपनी इस जादुई गेंदबाजी से क्रांति ने भारतीय क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड्स को अपने नाम कर लिया है:

  • सबसे युवा तेज गेंदबाज: क्रांति गौड़ टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में 5 विकेट लेने वाली भारत की सबसे युवा महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं। उन्होंने पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2005 में इंग्लैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था।
  • इतिहास के एलीट क्लब में शामिल: वह टेस्ट क्रिकेट में 5 विकेट हॉल लेने वाली भारत के इतिहास की महज तीसरी महिला तेज गेंदबाज बनीं। उनसे पहले यह कारनामा केवल महान झूलन गोस्वामी और गार्गी बनर्जी ही कर सकी थीं।
  • 20 साल का सूखा खत्म: साल 2006 में झूलन गोस्वामी के बाद, पिछले 20 सालों में टेस्ट क्रिकेट में किसी भी भारतीय महिला तेज गेंदबाज द्वारा 5 विकेट लेने का यह पहला वाकया है।

लॉर्ड्स के ड्रेसिंग रूम में बहे आंसू: वीडियो कॉल पर रो पड़ा परिवार

मैच से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में क्रांति गौड़ बेहद भावुक नजर आई थीं। उन्होंने कहा था, “लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम देखना दुनिया के हर तेज गेंदबाज का सबसे बड़ा सपना होता है। मैं और मेरी टीम इस बोर्ड पर नाम दर्ज कराने के लिए अपना खून-पसीना एक कर देंगे।”

दूसरे दिन जब क्रांति ने अपना पांचवां विकेट लिया, तो पूरा लॉर्ड्स मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ड्रेसिंग रूम में जब क्रांति पारंपरिक रूप से ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम लिख रही थीं, तब भारत में बैठा उनका परिवार वीडियो कॉल के जरिए लाइव जुड़ा हुआ था। बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता को देख माता-पिता के आंसू छलक पड़े। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने खुद क्रांति के माता-पिता से बात की और कहा कि आज आपकी बेटी की वजह से पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। टीम के सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों ने क्रांति को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर इस सुनहरे पल का जश्न मनाया।

महज 22 साल की उम्र में क्रांति गौड़ ने जो मुकाम हासिल किया है, वह न केवल भारतीय महिला क्रिकेट बल्कि वैश्विक खेल जगत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।