अमेरिका चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करे कि होर्मुज़ स्ट्रेट खुला है और शनिवार को होने वाली बातचीत के तहत कॉमर्शियल जहाज़ों पर गोलीबारी रोकने का वादा करे.
अमेरिकी मीडिया ने नाम नहीं बताने वाले अधिकारियों के हवाले से कहा कि ईरान ने निजी तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकारों से स्वीकार किया कि जहाज़ों पर गोलीबारी एक गलती थी.
हालांकि, ख़बरों के मुताबिक़ ईरान ने इसका जिम्मा अपने ही एक आंतरिक समूह पर डाला है, जो उसके नियंत्रण से बाहर है.
ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर इस सप्ताह हुई झड़पों के बावजूद दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर सहमत हो गए हैं. व्हाइट हाउस ने इस घटना को युद्धविराम का उल्लंघन माना है.
जून में अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इसके तहत ईरान ने कॉमर्शियल जहाज़ों को सुरक्षित मार्ग देने पर भी सहमति जताई थी.
बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ को वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान का कहना है कि कट्टरपंथियों का एक “बेकाबू” गुट वाणिज्यिक जहाज़ों पर गोलीबारी करके बातचीत को कमजोर करने की कोशिश कर रहा था.
एक अधिकारी ने टीवी नेटवर्क (सीबीएस न्यूज़ ) से कहा, “वे (ईरानी) फिर बातचीत की मेज पर लौटे और कहा, ‘हमसे ग़लती हो गई. हमने ग़लती की. आइए बातचीत जारी रखते हैं.'”
शुक्रवार को पत्रकारों के साथ हुई ब्रीफिंग में अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रीय मध्यस्थों के ज़रिए ईरानी नेतृत्व को संदेश भेजा गया है. इसमें मांग की गई है कि ईरान एक बयान जारी करे, जिसमें वह होर्मुज़ को खुला घोषित करे और वाणिज्यिक जहाज़ों पर गोलीबारी रोकने की घोषणा करे.
