वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका के पास बड़ी मात्रा में हथियारों का जखीरा मौजूद है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जरूरत के मुताबिक बड़ी मात्रा में नए हथियार तैयार किए जा रहे हैं और उनकी सप्लाई भी लगातार जारी है।रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने का दावा
ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा कंपनियां देश के इतिहास में सबसे ज्यादा नए प्लांट और फैक्ट्रियां बना रही हैं। उनका कहना है कि इससे अमेरिका की रक्षा उत्पादन क्षमता और अधिक मजबूत होगी।
सीक्रेट लीक करने वालों पर सख्त चेतावनी
ट्रम्प ने गोपनीय रक्षा जानकारी लीक करने वालों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ लंबी जेल की सजा की मांग की जाएगी।

हालांकि, ट्रम्प ने अपनी पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस गोपनीय जानकारी या किस घटना से जुड़े लीक की बात कर रहे थे। उन्होंने केवल इतना कहा कि ऐसे देशद्रोही बयानों को लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
1. ईरान-ओमान में होर्मुज स्ट्रेट के नए समुद्री रास्ते पर सहमति
ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग की रूपरेखा पर ओमान के साथ सहमति बन गई है। दोनों देश जल्द इसकी संयुक्त घोषणा की तैयारी कर रहे हैं।
2. ट्रम्प बोले- 48 घंटे में होर्मुज डील पर तस्वीर साफ होगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है और अगले 48 घंटे में समझौते की स्थिति साफ हो जाएगी।
3. ईरान बोला- ओमान से समझौते के बाद भी होर्मुज पूरी तरह सुरक्षित नहीं
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान के साथ सहमति बनने का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट का खतरा खत्म हो गया। अमेरिका का सैन्य दबाव जारी रहा तो सुरक्षा जोखिम भी बना रहेगा।

4. रिपोर्ट- ईरान जंग में अमेरिका के 80% THAAD इंटरसेप्टर खर्च
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका अपने THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के करीब 80% और पैट्रियट सिस्टम के लगभग आधे इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुका है।
5. UN: लेबनान में 8 लाख से ज्यादा विस्थापित लोग घर लौटे
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मुताबिक, इजराइली हमले कम होने के बाद लेबनान में युद्ध के कारण विस्थापित हुए 8.21 लाख से ज्यादा लोग अपने घर लौट चुके हैं। हालांकि, 3.6 लाख से ज्यादा लोग अब भी विस्थापित हैं।
