रिहंद बांध के सातों फाटक खुले, सोन नदी का जलस्तर भी बढ़ा, निचले इलाकों में बढ़ी चिंता.

ब्यूरो/ कृपा शंकर पांडेय
सोनभद्र – लगातार हो रही बारिश और छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश से पानी की बढ़ती आवक के चलते रिहंद बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के सातों फाटक खोल दिए गए हैं। बांध से पानी की निकासी बढ़ने के बाद ओबरा डैम से भी पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश स्थित बाण सागर बांध के गेट खोले जाने से सोन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सोन नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए चोपन क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों की टीम के साथ चोपन पुलिस नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की लगातार निगरानी कर रही है। नदी किनारे खतरे के बोर्ड भी लगाए गए हैं। अधिकारियों की ओर से आसपास के ग्रामीणों और लोगों को नदी में नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है। ओबरा एसडीएम रवि कुमार ने नदी क्षेत्र में पहुंचकर वाटर रजिस्टर का जायजा लिया और जलस्तर की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चक्रवर्ती इलाके समेत नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के पानी के करीब नहीं जाने की हिदायत दी। प्रशासन की ओर से जलस्तर बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। सोन नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद नदी किनारे के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हलचल बढ़ गई है। चोपन, ओबरा और डाला नगर क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग नदी का बढ़ता जलस्तर देखने के लिए पहुंच रहे हैं। लोगों में नदी के बढ़ते पानी को लेकर चिंता भी देखी जा रही है। हालांकि, फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। निचले इलाकों में रास्तों पर पानी भरने और सड़क की कटान से परेशानी बढ़ गई है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को अनावश्यक रूप से नदी क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की जा रही है। इधर, प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कुछ लोग सोन नदी में उतरकर तैरते और नहाते नजर आ रहे हैं। बढ़ते जलस्तर के बीच इस तरह नदी में जाना हादसे को न्योता दे सकता है। पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों को नदी से दूर रहने के लिए समझा रहे हैं।
फिलहाल सोन नदी क्षेत्र में बाढ़ के हालात नहीं हैं, लेकिन लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। परिस्थितियों में बदलाव होने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
