पुराने बैंक खाते में पड़ा है पैसा? RBI के UDGAM पोर्टल से ऐसे खोजें अपनी रकम, जानिए पूरा तरीका

अजय तिवारी, चीफ़ एडिटर
कई लोगों के पास ऐसे बैंक खाते हो सकते हैं जिनका इस्तेमाल वर्षों से नहीं हुआ। नौकरी बदलने, शहर बदलने, परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु या बैंक खाता खुलने के बाद उसे भूल जाने की वजह से जमा रकम लंबे समय तक पड़ी रह सकती है। कई बार खाता धारक के परिवार को भी ऐसे खाते की जानकारी नहीं होती।
ऐसी दावारहित जमा राशि को खोजने में मदद के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने UDGAM पोर्टल शुरू किया है। इसके जरिए कोई व्यक्ति एक ही जगह से कई बैंकों में अपने नाम से मौजूद दावारहित जमा या खातों की जानकारी खोज सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि UDGAM पर पैसा सीधे नहीं मिलता। यह केवल रकम या खाते की जानकारी खोजने की सुविधा देता है। रकम का दावा संबंधित बैंक से ही करना होता है।
पहले समझिए, Unclaimed Deposit क्या होता है?
RBI के नियमों के अनुसार, किसी बैंक खाते में जमा राशि पर 10 साल या उससे अधिक समय तक कोई ग्राहक-प्रेरित गतिविधि नहीं हुई हो, या कोई रकम 10 साल या उससे अधिक समय से दावारहित हो, तो वह रकम RBI के Depositor Education and Awareness (DEA) Fund में ट्रांसफर की जाती है।
इसका मतलब यह नहीं है कि खाताधारक का पैसा खत्म हो गया।
रकम पर खाताधारक या उसके वैध दावेदार का अधिकार बना रहता है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके संबंधित बैंक से इसका दावा किया जा सकता है।
यही वजह है कि अगर परिवार में किसी पुराने बैंक खाते, FD या दूसरी जमा राशि की जानकारी है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
UDGAM पोर्टल क्या है?
UDGAM का पूरा नाम Unclaimed Deposits – Gateway to Access information है।
RBI ने इसे लोगों को अलग-अलग बैंकों में पड़ी दावारहित जमा की जानकारी आसानी से खोजने में मदद करने के लिए बनाया है। पोर्टल की शुरुआत 17 अगस्त 2023 को हुई थी।
RBI के अनुसार, UDGAM पर पंजीकरण करने के बाद उपयोगकर्ता उपलब्ध बैंकों में दावारहित जमा खोज सकता है। खोज सफल होने पर प्राप्त जानकारी में Unclaimed Deposits Reference Number (UDRN) भी दिखाई देता है। इसके बाद संबंधित बैंक से संपर्क करके आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
घर बैठे कैसे चेक करें अपना पैसा?
प्रक्रिया काफी आसान है।
1. UDGAM पोर्टल खोलें
RBI का UDGAM पोर्टल खोलकर पंजीकरण करें।
Link- RBI UDGAM Portal
RBI के मुताबिक पंजीकरण के लिए उपयोगकर्ता को अपना नाम और मोबाइल नंबर देना होता है।
2. खाताधारक की जानकारी डालें
अगर आप किसी व्यक्ति के नाम से जमा राशि खोज रहे हैं तो खाताधारक का नाम और संबंधित बैंक चुनना होगा।
इसके बाद उपलब्ध विकल्पों में से कोई एक या अधिक जानकारी इस्तेमाल की जा सकती है:
- PAN
- Driving Licence Number
- Voter ID Number
- Passport Number
- जन्म तिथि
RBI के FAQ के मुताबिक, अगर ऊपर दी गई जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो कुछ मामलों में खाताधारक का पता भी खोज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
3. एक से ज्यादा बैंक चुन सकते हैं
यह UDGAM की उपयोगी सुविधाओं में से एक है।
अगर आपको संदेह है कि किसी व्यक्ति का पुराना खाता एक से ज्यादा बैंकों में था, तो उपलब्ध विकल्पों में से एक या अधिक बैंक चुनकर खोज की जा सकती है।
इससे हर बैंक की वेबसाइट अलग-अलग खंगालने की जरूरत कम हो जाती है।
पैसा मिल जाए तो आगे क्या करना होगा?
मान लीजिए UDGAM पर खोज करने के बाद किसी पुराने खाते या जमा की जानकारी मिल जाती है।
यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है—
UDGAM पैसा वापस करने वाला पोर्टल नहीं है।
RBI के अनुसार, पोर्टल सिर्फ दावारहित जमा की जानकारी खोजने और संबंधित बैंक की दावा प्रक्रिया की जानकारी देने में मदद करता है। वास्तविक दावा उसी बैंक से करना होता है जिसमें रकम जमा थी।
खोज परिणाम में मिलने वाले UDRN को संभालकर रखना उपयोगी है। इसके बाद संबंधित बैंक की बताई प्रक्रिया के अनुसार दावा किया जा सकता है।
अगर खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है तो?
ऐसी स्थिति में मामला थोड़ा अलग हो सकता है।
अगर पैसा किसी ऐसे व्यक्ति के खाते में है जिसकी मृत्यु हो चुकी है, तो परिवार को बैंक की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नामांकित व्यक्ति (Nominee) या वैध दावेदार के तौर पर दावा करना होगा।
यहां सिर्फ UDGAM पर नाम दिखाई देना पर्याप्त नहीं है। बैंक आवश्यक दस्तावेजों और अपनी प्रक्रिया के आधार पर दावा निपटाएगा।
इसलिए ऐसे मामले में सीधे संबंधित बैंक से संपर्क करना बेहतर है।
क्या UDGAM पर सभी बैंक दिखाई देते हैं?
यह बात खास तौर पर ध्यान देने वाली है।
RBI के 5 मार्च 2024 के FAQ में UDGAM के लिए 30 बैंकों की जानकारी दी गई थी और बताया गया था कि ये बैंक DEA Fund में मौजूद दावारहित जमा के मूल्य के हिसाब से करीब 90 प्रतिशत को कवर करते थे।
लेकिन बैंक सूची समय के साथ बदल सकती है। इसलिए किसी व्यक्ति को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि UDGAM पर नाम नहीं मिलने का मतलब देश के किसी भी बैंक में उसका पैसा नहीं है।
अगर UDGAM पर परिणाम नहीं मिलता है तो संबंधित बैंकों की वेबसाइट पर उपलब्ध Unclaimed Deposits/Inactive Accounts की खोज सुविधा भी देखनी चाहिए। RBI बैंकों को ऐसी दावारहित जमा की जानकारी अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के निर्देश देता है।
पुराने खाते को बंद समझकर न छोड़ें
कई लोग बैंक खाता लंबे समय तक इस्तेमाल न करने पर यह मान लेते हैं कि खाता अपने आप बंद हो गया होगा।
लेकिन Inoperative Account और Unclaimed Deposit एक ही चीज नहीं हैं।
RBI के नियमों में लंबे समय तक ग्राहक-प्रेरित लेनदेन न होने वाले खातों के लिए अलग व्यवस्था है। बैंक ऐसे खातों की समीक्षा करते हैं और ग्राहकों तक पहुंचने तथा खाते को फिर से सक्रिय कराने के लिए कदम उठाने होते हैं।
और अगर जमा राशि 10 साल या उससे ज्यादा समय तक दावारहित रहती है, तो वह DEA Fund में ट्रांसफर की जा सकती है।
इसलिए अगर आपके पास कोई पुराना बैंक खाता है, तो उसकी स्थिति बैंक से जरूर जांच लें।
खाते को फिर से सक्रिय कराने पर कोई शुल्क?
RBI की वित्तीय जागरूकता सामग्री के मुताबिक, निष्क्रिय खाते को सक्रिय करने के लिए बैंक ग्राहक से कोई शुल्क नहीं ले सकता।
इसके अलावा RBI ने 2025 में निर्देशों में बदलाव करते हुए बैंकों को इनऑपरेटिव खातों और दावारहित जमा के लिए सभी शाखाओं, जिसमें गैर-होम शाखाएं भी शामिल हैं, KYC अपडेट की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है। बैंकों को जहां संभव हो, Video-Customer Identification Process (V-CIP) के जरिए भी सुविधा देने की दिशा में काम करना है।
यह बदलाव उन लोगों के लिए उपयोगी है जो पुराने खाते को दोबारा सक्रिय कराना चाहते हैं।
परिवार में आज ही करें ये छोटा सा काम
घर में पुराने बैंक खातों की जानकारी व्यवस्थित रखना बेहद जरूरी है।
एक साधारण सूची बना लें:
बैंक का नाम → खाताधारक का नाम → खाता/FD की जानकारी → नामांकित व्यक्ति → जरूरी दस्तावेज
खासकर माता-पिता या परिवार के बुजुर्गों के पुराने बैंक खातों और FD की जानकारी परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य को पता होनी चाहिए।
कई बार समस्या पैसा न होने की नहीं, बल्कि पैसा कहां है इसकी जानकारी न होने की होती है।
ध्यान रखें, किसी को OTP या PIN न दें
अगर आपको पुराने बैंक खाते या UDGAM से जुड़ी रकम मिलने का पता चलता है, तो किसी अनजान व्यक्ति को OTP, ATM PIN, UPI PIN, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड की संवेदनशील जानकारी न दें।
RBI की सलाह है कि बैंक खाते से जुड़ी जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा न करें।
और सबसे जरूरी बात—UDGAM सिर्फ खोज की सुविधा है। कोई व्यक्ति फोन करके यह कहे कि “RBI से आपका पैसा निकलवाने के लिए OTP बताइए” तो बेहद सावधान रहें।
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. UDGAM पोर्टल क्या है?
UDGAM RBI का ऑनलाइन पोर्टल है, जिसके जरिए लोग अलग-अलग बैंकों में पड़ी अपनी Unclaimed Deposits यानी दावारहित जमा राशि की जानकारी खोज सकते हैं।
2. Unclaimed Deposit किसे कहते हैं?
जिस बैंक खाते या जमा राशि में 10 साल या उससे अधिक समय तक कोई ग्राहक-प्रेरित गतिविधि नहीं हुई हो, उसे RBI के नियमों के तहत Unclaimed Deposit माना जा सकता है।
3. क्या UDGAM पोर्टल से पैसा सीधे वापस मिल जाता है?
नहीं। UDGAM केवल दावारहित जमा की जानकारी खोजने की सुविधा देता है। पैसा वापस लेने के लिए संबंधित बैंक में दावा करना होता है।
4. UDGAM पर पुराने बैंक खाते की जानकारी कैसे खोजें?
UDGAM पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद खाताधारक का नाम और उपलब्ध पहचान संबंधी जानकारी दर्ज करके संबंधित बैंक में Unclaimed Deposit की खोज की जा सकती है।
5. UDGAM पर पैसा खोजने के लिए कौन-सी जानकारी चाहिए?
खोज के लिए उपलब्ध विकल्पों के अनुसार PAN, Driving Licence Number, Voter ID, Passport Number या जन्म तिथि जैसी जानकारी इस्तेमाल की जा सकती है। कुछ परिस्थितियों में पता भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
6. क्या UDGAM पर एक से ज्यादा बैंक में पैसा खोज सकते हैं?
हां। पोर्टल पर उपलब्ध बैंकों में एक या एक से अधिक बैंक चुनकर खोज की जा सकती है।
7. UDGAM पर रकम मिल जाए तो क्या करें?
खोज परिणाम में संबंधित जमा की जानकारी मिलने के बाद दिए गए UDRN (Unclaimed Deposits Reference Number) को नोट करें और संबंधित बैंक से संपर्क करके उसकी निर्धारित दावा प्रक्रिया पूरी करें।
8. अगर खाताधारक की मृत्यु हो गई हो तो पैसा कैसे मिलेगा?
ऐसी स्थिति में Nominee या वैध दावेदार संबंधित बैंक की प्रक्रिया के अनुसार दावा कर सकता है। बैंक आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद दावा निपटाता है।
9. क्या 10 साल बाद बैंक में जमा पैसा खत्म हो जाता है?
नहीं। निर्धारित अवधि के बाद रकम RBI के Depositor Education and Awareness (DEA) Fund में ट्रांसफर हो सकती है, लेकिन खाताधारक या वैध दावेदार का उस रकम पर दावा करने का अधिकार बना रहता है।
10. क्या UDGAM पर सभी बैंकों की जानकारी उपलब्ध है?
UDGAM पर शामिल बैंकों की सूची समय के साथ बदल सकती है। इसलिए किसी बैंक की जानकारी नहीं मिलने पर संबंधित बैंक की वेबसाइट पर Unclaimed Deposits की सुविधा भी जांचना उचित है।
11. क्या पुराने निष्क्रिय बैंक खाते को दोबारा चालू कराया जा सकता है?
हां। बैंक की निर्धारित KYC प्रक्रिया पूरी करके Inoperative Account को फिर से सक्रिय कराया जा सकता है।
12. क्या निष्क्रिय बैंक खाता सक्रिय कराने के लिए शुल्क देना पड़ता है?
RBI के निर्देशों के अनुसार, Inoperative Account को सक्रिय करने के लिए बैंक ग्राहक से शुल्क नहीं ले सकता।
13. क्या UDGAM पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर जरूरी है?
हां, UDGAM पर उपयोगकर्ता के पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जाता है।
14. UDGAM पर पैसा नहीं दिख रहा है तो क्या करें?
सबसे पहले खाताधारक का नाम और खोज के लिए दी गई जानकारी दोबारा जांचें। इसके बाद संबंधित बैंकों की वेबसाइट पर Unclaimed Deposits की सूची/खोज सुविधा देखें या सीधे बैंक से संपर्क करें।
15. क्या UDGAM पर मिली रकम के लिए किसी एजेंट को पैसे देने चाहिए?
नहीं। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, ATM PIN, UPI PIN या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड न दें। रकम का दावा संबंधित बैंक की आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से ही करें।
