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22 साल बाद घर आई खुशियां, अब मासूम शगुन की मौत से पसरा मातम.

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5 September 2026 · Kripashankar Pandey

ब्यूरो, कृपा शंकर पांडेय

सोनभद्र – निजी अस्पताल में इलाज के दौरान ढाई वर्षीय बच्ची शगुन की मौत के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया। शिक्षक सम्मान कार्यक्रम में पहुंचे सदर विधायक भूपेश चौबे और जिलाधिकारी चर्चित गोंड का परिजनों ने घेराव किया।

इस दौरान मृतका के पिता सुरेंद्र भावुक होकर बेटी को इंसाफ दिलाने की गुहार लगाने लगे। उन्होंने दोषी डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मृतका के मामा संतोष कुमार के अनुसार, गुरुवार की भोर करीब तीन बजे शगुन की अचानक तबीयत खराब हो गई।

परिजन उसे धर्मशाला चौक के पास स्थित नेशनल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां बच्ची को भर्ती कराया गया। चिकित्सक की सलाह पर उसके खून की जांच कराई गई। इसके बाद डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लिखकर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लिखे गए इंजेक्शन को अस्पताल की नर्स ने बच्ची को लगाया।

इंजेक्शन लगने के बाद शगुन की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और दोपहर करीब एक बजे उसने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध किया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शगुन के पिता सुरेंद्र ने बताया कि शादी के 22 वर्ष बाद मन्नतों के बाद बेटी का जन्म हुआ था। उसके जन्म के बाद परिवार में खुशियां लौट आई थीं। परिजन उसके भविष्य को लेकर सपने संजो रहे थे।

इस वर्ष परिवार शगुन के लिए छठ व्रत की तैयारियां भी कर रहा था। अचानक हुई उसकी मौत ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगने के बाद बच्ची की हालत अचानक क्यों बिगड़ी और उसकी मौत कैसे हुई, इसका जवाब मिलना चाहिए।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजनों के विरोध को देखते हुए जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने उनकी बात सुनी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एडीएम और सीएमओ को मामले की जांच के निर्देश दिए।

डीएम ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं एडीएम के साथ मौके पर जाकर जांच करेंगे। अस्पताल प्रशासन की किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल शगुन की मौत को लेकर परिजनों की निगाह जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

परिवार का कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का इंतजार है।