दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर बवाल के बाद बदले सुर, दिल्ली दरबार पहुंचे पूर्व गृहमंत्री; जानें क्या है बीजेपी का ‘डैमेज कंट्रोल’ प्लान

शिवसेना (UBT) के ऑफर के बीच सीएम मोहन यादव से मिले नरोत्तम, अब आशुतोष तिवारी के नामांकन में होंगे शामिल; कांग्रेस ने कसा तंज।

दतिया/भोपाल (indianationlive.com): मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर हलचल तेज है। बीजेपी आलाकमान द्वारा सूबे के पूर्व कद्दावर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर एक नए ब्राह्मण चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने के फैसले ने स्थानीय राजनीति में उबाल ला दिया है। टिकट कटने की खबर आते ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए और हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इस बीच सियासी गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर रही कि नरोत्तम मिश्रा निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। बात यहाँ तक पहुँच गई कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उन्हें अपने चुनाव चिह्न ‘मशाल’ पर चुनाव लड़ने का खुला ऑफर दे दिया और यहाँ तक कहा कि खुद उद्धव ठाकरे उनके प्रचार के लिए दतिया आएंगे।

बीजेपी का डैमेज कंट्रोल और बदला नरोत्तम का रुख

पिछले दो दिनों से चल रहे इस सियासी ड्रामे के बीच अब नरोत्तम मिश्रा के तेवर कुछ नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ एक अहम बैठक की। इस मैराथन बैठक के बाद रविवार सुबह पहली फ्लाइट से नरोत्तम मिश्रा दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जहाँ उनकी मुलाकात बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन से होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि दिल्ली दरबार में दतिया के मौजूदा हालातों और नरोत्तम मिश्रा के भविष्य के राजनीतिक रोल पर चर्चा होगी।

नेताओं से मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने संगठन को सर्वोपरि बताते हुए कहा, “बैठक में बहुत सकारात्मक बातचीत हुई है। हमारा एकमात्र लक्ष्य दतिया में बीजेपी की जीत सुनिश्चित करना है। धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।” उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और एलान किया कि वह दतिया पहुँचकर पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन में खुद मौजूद रहेंगे। उनके इस बदले रुख से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि संगठन या सरकार में उन्हें किसी सम्मानजनक पद पर एडजस्ट करने का भरोसा दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष बोले- ‘इस्तीफे स्वीकार नहीं होंगे’

दूसरी ओर, मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि आशुतोष तिवारी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा, “कुछ कार्यकर्ताओं ने भावुक होकर इस्तीफे जरूर दिए हैं, लेकिन नेतृत्व ने तय किया है कि कोई भी इस्तीफा मंजूर नहीं किया जाएगा। नरोत्तम मिश्रा हमारे वरिष्ठ नेता हैं और हम उन्हीं के मार्गदर्शन में यह चुनाव बड़े अंतर से जीतेंगे।”

कांग्रेस ने घेरा, लगाया ‘बीजेपी बनाम बीजेपी’ का आरोप

दतिया के इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दल कांग्रेस ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि बीजेपी यह चुनाव बुरी तरह हारने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कोर्ट का सहारा लेकर लोकतंत्र की हत्या की है और दतिया की जनता पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को हटाने की साजिश का करारा जवाब देगी। पटवारी ने दतिया प्रशासन पर भी कानून-व्यवस्था न संभाल पाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग की।

वहीं, कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने तंज कसते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में इस समय ‘बीजेपी बनाम बीजेपी’ की जंग चल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कोई लोकतांत्रिक पार्टी नहीं है, जहाँ कार्यकर्ताओं की सुनी जाए, यही वजह है कि उनका असंतोष सड़कों पर दिख रहा है।

क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव?

गौरतलब है कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को शिकस्त दी थी। हालांकि, पिछले दिनों एक धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए जाने के बाद राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई, जिसके चलते यह सीट खाली हुई है। अब 30 जुलाई को होने वाले इस उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर मतदान 30 जुलाई को होगा और चुनावी नतीजे 3 अगस्त को सामने आएंगे।