सावन के आठवे दिन मंगलेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

रितेश कुमार, रिपोर्टर

सोनभद्र : सावन माह के आठवें दिन मंगलेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक एवं दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं।

मंदिर तक पहुंचने का रास्ता कठिन और दुर्गम होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। रास्ते में लगातार बारिश होने के बाद भी भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालुओं ने बारिश को भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद मानते हुए पूरे जोश और श्रद्धा के साथ “बोल बम” तथा “हर-हर महादेव” के जयघोष लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ते रहे।

मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं में अपार उत्साह और भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा देखने को मिली।

मान्यता है कि सावन का प्रत्येक दिन शिव साधना, पूजा, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप के लिए अत्यंत फलदायी होता है. इस बार सावन में कई शुभ योग और मंगलकारी संयोग बनने से शिव भक्तों को विशेष आध्यात्मिक लाभ मिल सकता है.

रुद्राभिषेक की आसान विधि 

अगर आप किसी पंडित की सहायता से पूजा करा सकते हैं तो उत्तम है, लेकिन यदि ऐसा संभव न हो तो आप घर पर भी सरल तरीके से रुद्राभिषेक कर सकते हैं. गंगाजल, शुद्ध जल, दूध, दही, घी, शहद, चीनी, बेलपत्र, भस्म, पुष्प, धतूरा, नारियल और फल.

पूजा की विधि

– सुबह स्नान कर शुद्ध होकर पूजा स्थान तैयार करें.

– शिवलिंग पर गंगाजल मिले जल से ऊं नमः शिवाय मंत्र का जप करते हुए अभिषेक करें.

– इसके बाद क्रमशः दूध, दही, घी, शहद और चीनी से अभिषेक करें.

– फिर दोबारा शुद्ध जल से शिवलिंग को स्नान कराएं. – भस्म, चंदन और अक्षत अर्पित करें.

– कम से कम 11 बेलपत्र ऊं नमः शिवाय कहते हुए चढ़ाएं.

– पुष्प, फल और नारियल अर्पित करें.

– अंत में भगवान शिव की आरती करें और अपनी मनोकामनाएं उनके चरणों में अर्पित करें.