सोनम वांगचुक गाली वाले वीडियो पर बोले- मैं PM की जगह होता तो…

sonam-wangchuk

नई दिल्ली।

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पेपर लीक के खिलाफ अपने आंदोलन के दौरान वायरल हुए गाली वाले वीडियो पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की अभद्र भाषा का समर्थन नहीं करते, लेकिन सरकार को यह जरूर समझना चाहिए कि आखिर देश का युवा इतनी हताशा और गुस्से की स्थिति में क्यों पहुंच गया है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस जनता पार्टी (CJP) के राजनीति से दूर रहने के फैसले का भी समर्थन किया।

वायरल वीडियो पर क्या बोले वांगचुक

इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक से आंदोलन के समय लगाए गए आपत्तिजनक नारों को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी नेता के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल उचित नहीं है।

उन्होंने कहा, “मैं अपशब्दों के इस्तेमाल को बिल्कुल भी सही नहीं मानता।” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार के लिए यह एक गंभीर संकेत है कि देश का युवा किस स्तर तक निराश और हताश हो चुका है।

PM होता तो सबसे पहले खुद से सवाल करता

वांगचुक ने कहा कि यदि वह प्रधानमंत्री की जगह होते तो सबसे पहले यह जानने की कोशिश करते कि आखिर युवाओं में इतना गुस्सा क्यों पैदा हुआ।

उन्होंने कहा, “अगर मैं प्रधानमंत्री की जगह होता, तो सबसे पहले खुद से पूछता कि मैंने इन युवाओं में इतना गुस्सा क्यों पैदा होने दिया।”

उन्होंने आगे कहा कि संदेश लेकर आने वाले व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। हिंसा करने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे वास्तविक छात्रों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

CJP के राजनीति से दूर रहने के फैसले का समर्थन

सोनम वांगचुक ने कांग्रेस जनता पार्टी (CJP) के राजनीति से दूरी बनाए रखने के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना था कि यदि कोई मंच राजनीतिक दल बन जाता है तो वह किसी न किसी पक्ष में खड़ा दिखाई देने लगता है, जिससे उसकी निष्पक्षता प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि लोग भविष्य में राजनीति में जा सकते हैं, लेकिन फिलहाल इस मंच का गैर-राजनीतिक बने रहना जनता के विश्वास के लिए ज्यादा बेहतर है।

शिक्षा और पर्यावरण के मुद्दों पर रहेंगे सक्रिय

वांगचुक ने यह भी स्पष्ट किया कि वह आगे भी शिक्षा और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

उन्होंने कहा, “शिक्षा और पर्यावरण ऐसे विषय हैं, जो मेरे दिल के बेहद करीब हैं। अगर इन दोनों विषयों पर कोई आवाज उठाता है, तो मैं उसका समर्थन जरूर करूंगा।”

26 दिन की भूख हड़ताल का नेतृत्व किया था

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक जून-जुलाई में दिल्ली में हुए पेपर लीक विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर करीब 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। यह आंदोलन कांग्रेस जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में चलाया गया था।