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काले चने खाने के फायदे: प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह देसी खाना क्यों है खास?

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6 September 2026 · Editorial Desk

डाइटिशियन, खुशी पांडेय

काले चने भारतीय रसोई में लंबे समय से खाए जाते रहे हैं। इन्हें उबालकर, चाट बनाकर, सलाद में या सब्जी के रूप में खाया जा सकता है। स्वाद और पेट भरने की क्षमता के अलावा काले चने प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, आयरन और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं।

खास बात यह है कि चने जैसे फलियों वाले खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार में शामिल करने से भोजन की पोषण गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ को किसी बीमारी का इलाज मानना सही नहीं है।

प्रोटीन की अच्छी मात्रा मिलती है

काले चने पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। प्रोटीन शरीर में मांसपेशियों और ऊतकों के निर्माण तथा उनकी मरम्मत के लिए जरूरी होता है।

खासकर शाकाहारी भोजन करने वाले लोगों के लिए चना रोज के भोजन में प्रोटीन बढ़ाने का आसान विकल्प हो सकता है।

इसे नाश्ते में उबालकर या दोपहर के भोजन में सलाद के रूप में शामिल किया जा सकता है।

पेट लंबे समय तक भरा रखने में मदद

काले चने में प्रोटीन और फाइबर दोनों होते हैं। फाइबर और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं।

यही वजह है कि वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों के संतुलित आहार में चना उपयोगी हो सकता है।

लेकिन सिर्फ चने खाने से वजन कम नहीं होता। वजन घटाने के लिए पूरे दिन के भोजन, कुल कैलोरी, शारीरिक गतिविधि और नींद का भी ध्यान रखना जरूरी है।

पाचन के लिए फायदेमंद फाइबर

काले चने में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार का फाइबर पाया जाता है। फाइबर पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है और नियमित मल त्याग बनाए रखने में मदद कर सकता है।

अगर आपकी डाइट में फाइबर कम है तो चने को धीरे-धीरे शामिल करना बेहतर है। साथ में पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है

चना जैसे फलियों वाले खाद्य पदार्थों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है। इनमें मौजूद फाइबर और धीरे पचने वाले कार्बोहाइड्रेट भोजन के बाद ब्लड शुगर में तेज बढ़ोतरी को सीमित करने में मदद कर सकते हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज में चना कितनी भी मात्रा में खाया जा सकता है। मात्रा और पूरे भोजन का संतुलन महत्वपूर्ण है।

डायबिटीज की दवा लेने वाले व्यक्ति को अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए।

दिल की सेहत के लिए भी अच्छा विकल्प

फलियों में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व हृदय के लिए स्वस्थ आहार का हिस्सा हो सकते हैं। चने में फाइबर, फोलेट और कुछ खनिज भी पाए जाते हैं।

नियमित रूप से फलियां, साबुत अनाज, सब्जियां और फल शामिल करने वाला संतुलित आहार हृदय के लिए बेहतर माना जाता है।

हालांकि, केवल काले चने खाने से हृदय रोग का खतरा खत्म नहीं होता।

आयरन और फोलेट का भी स्रोत

काले चने में आयरन और फोलेट पाए जाते हैं। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि फोलेट DNA निर्माण और स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण जैसी प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है।

लेकिन अगर किसी व्यक्ति में आयरन की कमी या एनीमिया है, तो केवल चना खाना इलाज नहीं है। ऐसी स्थिति में जांच और चिकित्सकीय सलाह जरूरी होती है।

हड्डियों के लिए भी उपयोगी पोषक तत्व

काले चने में फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं। ये शरीर के सामान्य कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हालांकि मजबूत हड्डियों के लिए केवल चने पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन D, प्रोटीन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी हैं।

काले चने खाने का सबसे आसान तरीका है उन्हें अच्छी तरह धोकर पर्याप्त समय तक भिगोना और फिर अच्छी तरह पकाना

उबले हुए चनों में प्याज, टमाटर, खीरा, हरा धनिया और नींबू मिलाकर हल्की चाट या सलाद बनाया जा सकता है।

एक बात का ध्यान रखें—अगर चने की डिश में बहुत ज्यादा तेल, नमक या तली हुई सामग्री डाल दी जाए तो भोजन की कुल पोषण गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

क्या चने रात में भिगोकर खा सकते हैं?

हां, चने को रातभर भिगोकर अगले दिन अच्छी तरह पकाकर खाना आम तरीका है।

भिगोने से चने नरम हो जाते हैं और उन्हें पकाना आसान होता है। जिन लोगों को चना खाने से पेट फूलने या गैस की शिकायत होती है, उनके लिए अच्छी तरह भिगोकर और पकाकर खाना अधिक आरामदायक हो सकता है।

क्या काले चने खाने से गैस हो सकती है?

कुछ लोगों में हो सकती है।

चना और दूसरी फलियों में ऐसे कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होते हैं जिन्हें आंतों के बैक्टीरिया ferment करते हैं। इससे कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है।

अगर ऐसा होता है तो शुरुआत कम मात्रा से करें और चने को अच्छी तरह भिगोकर पकाएं।

अगर लगातार पेट दर्द, बहुत ज्यादा गैस या पाचन संबंधी परेशानी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

अंकुरित काले चने कितने सुरक्षित हैं?

अंकुरित चने पोषण के लिहाज से भोजन का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन कच्चे sprouts के साथ food-safety का ध्यान रखना जरूरी है।

अंकुरण के दौरान गर्म और नम वातावरण बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए अनुकूल हो सकता है। FDA भी कच्चे या हल्के पके sprouts में Salmonella, Listeria और E. coli जैसे बैक्टीरिया के जोखिम की चेतावनी देता है।

इसलिए घर पर बनाए गए अंकुरित चने अच्छी तरह पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है, खासकर गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए।

रोज कितने काले चने खाने चाहिए?

हर व्यक्ति के लिए एक ही मात्रा तय नहीं की जा सकती। उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और पूरे दिन की डाइट के अनुसार जरूरत बदलती है।

एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए पकी हुई चने की एक छोटी कटोरी भोजन का हिस्सा हो सकती है। लेकिन मात्रा से ज्यादा जरूरी है कि पूरे दिन का आहार संतुलित हो।

अगर कोई व्यक्ति वजन घटाने, खेलकूद, डायबिटीज या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण विशेष डाइट ले रहा है, तो मात्रा व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार तय करनी चाहिए।

किन लोगों को काले चने खाते समय सावधानी रखनी चाहिए?

जिन लोगों को फलियों से एलर्जी है या चना खाने से लगातार पाचन संबंधी परेशानी होती है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।

इसके अलावा जिन लोगों को डॉक्टर ने किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण विशेष डाइट दी है, उन्हें अपनी डाइट में चने की मात्रा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए।

काले चने को डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

नाश्ता– उबले काले चने + सब्जियां + नींबू

सलाद– चना + खीरा + टमाटर + प्याज + हरा धनिया

दोपहर का भोजन– चना सलाद को भोजन के साथ शामिल कर सकते हैं।

शाम का नाश्ता – तले हुए स्नैक्स की जगह सीमित मात्रा में उबले चने लिए जा सकते हैं।

अच्छी सेहत का आधार एक ही चीज नहीं, बल्कि संतुलित भोजन, नियमित गतिविधि, पर्याप्त नींद और सही जीवनशैली है।खुशी पांडेय

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य पोषण संबंधी जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, एलर्जी, गर्भावस्था या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में अपनी डाइट बदलने से पहले योग्य डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।