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Sonbhadra News: सोनांचल की सड़कों का होगा कायाकल्प, 166.92 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत

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11 September 2026 · Editorial Desk

Sonbhadra Road Development के तहत 66.44 किमी लंबी चार प्रमुख सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 166.92 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

ब्यूरो :- कृपा शंकर पांडेय

सोनभद्र। आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र में बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए चार प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की तैयारी तेज हो गई है। शासन ने करीब 66.44 किलोमीटर लंबी चार सड़कों के लिए 166.92 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति देते हुए बजट जारी किए जाने की संस्तुति की है।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जिले में उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। अपर मुख्य सचिव वित्त एवं वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति दी गई है। अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा।

उद्योगों के साथ आम लोगों को भी मिलेगा फायदा

जिलाधिकारी ने बताया कि चार राज्यों की सीमा से जुड़े सोनभद्र में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी होने से दूसरे जनपदों तक आवागमन आसान होगा। इससे उद्योगों के लिए कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई में लगने वाला समय कम होगा और लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।

सड़कों की स्थिति बेहतर होने से ग्रामीण और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। यात्रा का समय कम होने के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद जताई गई है।

इन चार सड़कों का होगा सुदृढ़ीकरण

चोपन-कोटा-कोन-खरौंदी मार्ग:
इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण पर करीब 43.84 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे-5ए:
मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं सतह सुधार के लिए करीब 58.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

आरएस रोड से कोदरा टोला मार्ग:
इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए करीब 26.09 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

मुर्धवा-म्योरपुर-बभनी-चपकी-बीजपुर मार्ग:
इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण पर करीब 38.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

दूरस्थ और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

जिलाधिकारी ने कहा कि इन मार्गों के सुदृढ़ीकरण से जिले के दूरस्थ और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बेहतर सड़कें बनने से उद्योगों को परिवहन में सुविधा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी आवागमन में राहत मिलेगी।

टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद इन प्रमुख मार्गों पर आवागमन पहले की तुलना में सुगम होने की उम्मीद है।