ब्लास्टिंग से क्रशर प्लांट की मशीन का हिस्सा टूटकर गिरा, मलबे में दबकर सोनभद्र के चार मजदूरों की मौत

मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र में क्रशर प्लांट की मशीन का हिस्सा टूटकर गिरने से हुए हादसे में सोनभद्र के चार मजदूरों की मौत हो गई।
ब्यूरो – कृपा शंकर पांडेय
सोनभद्र। अहरौरा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर क्रशर प्लांट में डस्ट हटाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। क्रशर प्लांट की मशीन का एक हिस्सा अचानक टूटकर मजदूरों के ऊपर जा गिरा। मलबे में दबने से सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के एक ही गांव के चार मजदूरों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रविवार को चारों शव गांव पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।
डस्ट हटाने के दौरान हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसा शनिवार दोपहर करीब तीन बजे हुआ। उस समय मजदूर क्रशर प्लांट में डस्ट हटाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान हुए ब्लास्टिंग से मशीन का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया और चारों मजदूर उसके मलबे में दब गए।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने अस्पताल से शवों को कब्जे में लेकर मॉर्च्यूरी भेज दिया।
चार मजदूरों की हुई मौत
मृतकों की पहचान 38 वर्षीय अशोक गोंड पुत्र स्व. बसंत गोंड, 32 वर्षीय राकेश कुमार गोंड पुत्र रामजी गोंड, 32 वर्षीय लाल बहादुर बैगा पुत्र दुवारे बैगा और 30 वर्षीय दुर्योधन विश्वकर्मा पुत्र बाबूनंदन के रूप में हुई है।
सभी सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गवां गांव और उसके टोलों के निवासी थे। अशोक चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और एक बेटी हैं। राकेश की पहली पत्नी से एक बच्चा है, जबकि वर्तमान में उसकी दूसरी पत्नी है।
लाल बहादुर बैगा मुकबा मोड़, ग्राम बड़गवां के निवासी थे। वहीं दुर्योधन विश्वकर्मा देवनई टोला के रहने वाले थे और उनके चार बच्चे हैं।

रक्षाबंधन पर घर आए थे चारों मजदूर
चारों मजदूर रक्षाबंधन पर अपने घर आए थे और करीब एक सप्ताह पहले ही दोबारा काम करने के लिए लौटे थे। हादसे की सूचना पर मिर्जापुर कमिश्नर और जिलाधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की।
एसपी अपर्णा रजक कौशिक के मुताबिक, हादसे के समय प्लांट मालिक या कोई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े लोगों से पूछताछ कर हादसे की जानकारी जुटाई है।
मृतकों के गांव पहुंचे मंत्री और जनप्रतिनिधि
रविवार सुबह समाज कल्याण राज्यमंत्री एवं ओबरा विधायक संजीव कुमार गोंड समेत अन्य जनप्रतिनिधि मृतकों के गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। जुगैल थाना पुलिस भी परिजनों के साथ मौजूद रही।
तीन चिताएं जलीं, एक शव दफनाया गया
चारों शव गांव पहुंचने के बाद सोन घाट पर एक साथ 3 चिताएं जलीं, जबकि अशोक को रीती रिवाज से दफनाया गया। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन हो गया।
खनन और क्रशर प्लांटों की सुरक्षा पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि खदान और क्रशर प्लांटों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण मजदूर लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं।
गौरतलब है कि करीब आठ महीने पहले सोनभद्र में भी मकसूदन सिंह के क्रशर से जुड़े खदान क्षेत्र में हादसे में सात मजदूरों की मौत हुई थी। उस मामले में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
अब एक बार फिर चार मजदूरों की मौत ने खनन और क्रशर इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
