दिल्ली हॉस्टल हादसा: कुछ ही सेकंड में ढह गई 5 मंजिला इमारत, 7 लोगों की मौत; मलबे में बदल गया छात्र पीजी

Delhi Hostel Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला छात्र पीजी इमारत ढहने से 7 लोगों की मौत हो गई। बेसमेंट में मरम्मत के काम और सुरक्षा मानकों को लेकर जांच जारी है।
नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला छात्र पीजी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव दलों ने घंटों तक मलबे में फंसे लोगों की तलाश की।
कुछ ही सेकंड में मलबे में बदल गई इमारत
हादसा रविवार दोपहर सत्य निकेतन में हुआ। पांच मंजिला इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था। इमारत गिरने के बाद आसपास धूल का गुबार छा गया और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई।
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी इमारत कुछ ही क्षणों में ढहती दिखाई देती है।
रातभर चला राहत और बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबे से लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों के साथ विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। सोमवार को भी राहत-बचाव अभियान जारी रहा।
बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस के अनुसार यह काम पानी भरने और सीपेज की समस्या को दूर करने के लिए कराया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि पुरानी इमारत में अतिरिक्त निर्माण, मरम्मत और सुरक्षा मानकों से जुड़े कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि हादसे की अंतिम वजह विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मालिक समेत तीन लोग गिरफ्तार
हादसे के मामले में पुलिस ने इमारत के मालिक और परिवार के दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि निर्माण और मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
छात्रों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास छात्रों के लिए पीजी और किराये के कमरों का बड़ा केंद्र है। इस हादसे ने दिल्ली में छात्र आवासों की सुरक्षा और पुराने भवनों की संरचनात्मक जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों और छात्र संगठनों की ओर से पीजी और हॉस्टल भवनों के नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट और सुरक्षा जांच की मांग उठ रही है। हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने भी छात्र आवास समेत सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों की सुरक्षा जांच को लेकर कदम उठाने की बात कही है।
प्रशासनिक लापरवाही की भी होगी जांच
हादसे के बाद नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। MCD ने दक्षिण क्षेत्र के पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। प्रशासनिक स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इमारत में नियमों के उल्लंघन या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या नहीं।
यह हादसा राजधानी में पुराने और अनधिकृत तरीके से बदले गए भवनों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी के तौर पर सामने आया है।
जांच/फैक्ट-चेक: ख़ुशी पाण्डेय
