सामग्री पर जाएं

ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक ने गांधी मैदान में किया ध्वजारोहण

Text:
17 August 2026 · Kripashankar Pandey

जिला संवाददाता, कृपा शंकर पांडेय

ओबरा/ सोनभद्र – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक द्वारा गांधी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया । ध्वजारोहण के बाद उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने राष्ट्रगान के साथ देश के वीर शहीदों को नमन किया कार्यक्रम के दौरान देश की एकता अखंडता और विकास के संकल्प को दोहराया गया।वहीअपने संबोधन में मुख्य महाप्रबंधक इं दूध नाथ ने स्वतंत्रता दिवस को गौरव, कृतज्ञता और आत्ममंथन का अवसर बताते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को नमन किया उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमे अधिकारो के साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी प्रदान करती है तथा हमे अपने कर्म ईमानदारी और कार्य क्षमता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण मे योगदान देना चाहिए ।

उन्होंने कहा कि भारत आज विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है।और इस विकास यात्रा मेंऊर्जा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है ।बिजल केवल सुविधा नही, बल्कि आधुनिक जीवन की धड़कन और विकाश की आधारभूत आवश्यकता है । ओबरा की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ओबरा केवल एक पावर स्टेशन नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की ऊर्जा यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है ।

ओबरा बी की पुरानी 200 मेगावाट इकाइयो के योगदान तथा आँयल खपत मे कमी से प्राप्त उल्लेखनीय वित्तीय बचत का उल्लेख करते हुए उन्होंने ओबरा सी की 2×660 मेगावाट इकाइयो के बेहतर प्रदर्शन पर भी प्रसन्नता व्यक्त की । उन्होने बताया कि पहली तिमाही मे इन इकाइयो का पीएलएफ निर्धारित लक्ष्य से अधिक रहा है ।

ओबरा सीपरियोजना के निर्माण के दौरान विस्थापित एवं पुनर्वासित परिवारों तथा स्थानीय नागरिकों को त्याग एवं सहयोग को स्मरणकरते हुए मुख्य महा प्रबंधक ने उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि ओबरा सी की शिकायत यात्रा उनके त्याग सहयोग और धैर्य से भी जुड़ी हुई है

उन्होंने कहा कि ओबरा की सफलता किसी एक विभाग की सफलता नहीं,बल्कि ऑपरेशन, मेंटेनेस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रशासन, मेडिकल, सुरक्षा तथा प्रत्येक कर्मचारी के सामूहिक समर्पण का परिणाम है । उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी अधिकारियो एवं कर्मचारियो से पूर्ण सतर्कता एवं सुरक्षित कार्यप्रणाली के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने काआह्वान किया ।

समारोह का प्रमुख आकर्षण विभिन्न विद्यालयों के छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किये ।विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया । उनकी प्रतिभा, अनुशासन एवं देशभक्ति से प्रस्तुतियों की उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने मुक्तकंठ से सराहना की ।

समारोह मे रहे इं, एस के सिंघल,महाप्रबंधक ओबरा सी इ.निखिल चतुर्वेदी, महा प्रबंधक प्रशासन इं . अजय कुमार राय, महाप्रबंधक सिविल इं एम एम चतुर्वेदी, महाप्रबंधक बीटीपीएस, एस के सिंह, कमांडेट, सीआईए एसएफ, इ.सुरेश मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सिविल इं रमाकांत इं अब्दुल निशात, इंराजेश्वर प्रसाद अधीक्षण अभियंतागण अखिले शत्रिपाठी उप महाप्रबंधक (लेखा ) डीपीएसआई के अधिकारी विभिन्न विभागो के अधिकारी एवं कर्मचारी, सीआईएसएफ के जवान अन्य गणमान्य व प्रतिनिधि विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक गढ़ तथा बड़ी संख्या में छात्र छाछात्राएं उपस्थित रहे ।

अपने संबोधन में मुख्य महाप्रबंधक इं. दूध नाथ ने स्वतंत्रता दिवस को गौरव, कृतज्ञता और आत्ममंथन का अवसर बताते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी प्रदान करती है तथा हमें अपने कर्म, ईमानदारी और कार्यक्षमता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत आज विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है और इस विकास यात्रा में ऊर्जा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिजली केवल सुविधा नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन की धड़कन और विकास की आधारभूत आवश्यकता है। ओबरा की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ओबरा केवल एक पावर स्टेशन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की ऊर्जा यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

ओबरा बी की पुरानी 200 मेगावाट इकाइयों के योगदान तथा ऑयल खपत में कमी से प्राप्त उल्लेखनीय वित्तीय बचत का उल्लेख करते हुए उन्होंने ओबरा सी की 2×660 मेगावाट इकाइयों के बेहतर प्रदर्शन पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में इन इकाइयों का पीएलएफ निर्धारित लक्ष्य से अधिक रहा है।

ओबरा सी परियोजना के निर्माण के दौरान विस्थापित एवं पुनर्वासित परिवारों तथा स्थानीय नागरिकों के त्याग एवं सहयोग को स्मरण करते हुए मुख्य महाप्रबंधक ने उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ओबरा सी की विकास यात्रा उनके त्याग, सहयोग और धैर्य से भी जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि ओबरा की सफलता किसी एक विभाग की सफलता नहीं, बल्कि ऑपरेशन, मेंटेनेंस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रशासन, मेडिकल, सुरक्षा तथा प्रत्येक कर्मचारी के सामूहिक समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूर्ण सतर्कता एवं सुरक्षित कार्यप्रणाली के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बिजली का उत्पादन हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन जहां बिजली की आवश्यकता नहीं है, वहां उसका संरक्षण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने ओबरा में चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियानों तथा लगाए गए पौधों की उचित देखभाल को स्वच्छ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

ad

भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने ओबरा डी में 2×800 मेगावाट की नई इकाइयों की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ रही प्रक्रियाओं को प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं एवं औद्योगिक विकास की तैयारी का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सभी से “देश पहले, कर्तव्य पहले, सुरक्षा पहले” की भावना के साथ कार्य करने तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

समारोह का प्रमुख आकर्षण विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। उनकी प्रतिभा, अनुशासन एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों की उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने मुक्तकंठ से सराहना की।

समारोह को सफल एवं गरिमामय बनाने में इं. सदानंद यादव, अधिशासी अभियंता, तथा उनकी पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन की सफलता के लिए ओबरा थर्मल पावर स्टेशन के सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यालयों, सुरक्षा बलों एवं सहयोगी टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया ।