पांच साल से बदहाल सड़क, ग्रामीणों ने शिवदत्त दुबे के नेतृत्व में पारंपरिक गीत के साथ धान रोपकर जताया विरोध.

जिला संवाददाता/ कृपा शंकर पांडेय

ओबरा/सोनभद्र -तहसील क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के टोला खैरटिया स्थित ओम चौराहा से नदी तक जाने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क पिछले चार-पांच वर्षों से बदहाल है। बरसात के दिनों में सड़क पर पानी और कीचड़ भर जाने से 10 हज़ार की आबादी वाले गांव के ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। सड़क की समस्या से आजिज ग्रामीणों ने सड़क पर धान रोपते समय परम्परा के अनुसार गीत भी गाकर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द स्थायी समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

ग्रामीण महिला सीमा ने बताया कि बरसात में सड़क की हालत और खराब हो जाती है। बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं और ग्रामीणों को रोजाना आवागमन करना पड़ता है। सड़क पर गड्ढों और अंधेरे के कारण कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वयं भी कई बार इस रास्ते पर गिर चुकी हैं। ग्रामीण कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

सीमा ने प्रशासन से गांव से नदी तक करीब दो से ढाई किलोमीटर मार्ग का बेहतर निर्माण कराने और जरूरत के अनुसार अतिक्रमण वाली सड़क का चौड़ीकरण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क के अलावा गांव में पानी समेत अन्य मूलभूत समस्याएं भी हैं, जिनका समाधान जरूरी है। वही अपना दल (एस) के जिला महासचिव शिवदत्त दुबे ने सड़क की बदहाली को लेकर ओबरा तहसील प्रशासन पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जिनमें बरसात का पानी भरा रहता है। सड़क किनारे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। उनके मुताबिक खराब सड़क के कारण राहगीरों को आए दिन परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि सड़क की समस्या को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

शिवदत्त दुबे ने कहा कि बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में खनिज संपदा निकलती है और स्थानीय लोग प्रदूषण समेत कई समस्याओं का सामना करते हैं। ऐसे में खनिज विकास निधि का उपयोग क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाना चाहिए। उन्होंने सड़क निर्माण के साथ चौड़ीकरण, जलनिकासी और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।