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UPI पर लग सकता है चार्ज? ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट को लेकर बड़ा अपडेट, जानिए किस पर पड़ेगा असर

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17 August 2026 · Editorial Desk

नई दिल्ली: भारत में करोड़ों लोगों के रोजमर्रा के भुगतान का हिस्सा बन चुके UPI को लेकर इन दिनों एक बड़ा बदलाव चर्चा में है। सरकार ने हाल ही में ऐसा कानूनी रास्ता खोला है, जिसके बाद भविष्य में कुछ चुनिंदा merchant UPI transactions पर Merchant Discount Rate (MDR) लगाया जा सकता है। हालांकि, अभी आम यूजर्स के लिए UPI payment पर कोई नया charge लागू नहीं हुआ है।

सरकार ने साफ किया है कि UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों पर transaction charge नहीं लगाया जाएगा। Person-to-person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI transactions भी free रहेंगे। संभावित MDR केवल कुछ merchant transactions तक सीमित रहेगा।

₹2,000 से ऊपर के UPI payment पर क्या होगा?

अभी सरकार ने ₹2,000 को आधिकारिक charge threshold के रूप में लागू नहीं किया है। लेकिन Reuters की रिपोर्ट के अनुसार सरकार के सामने ₹2,000 से अधिक के कुछ merchant transactions पर करीब 0.3% से 0.5% MDR लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन रहा है। यह व्यवस्था बड़े merchants के लिए हो सकती है, जबकि छोटे कारोबारियों को इससे बाहर रखने की बात सामने आई है।

इसका मतलब यह है कि अगर भविष्य में ऐसा framework लागू होता है, तो हर UPI payment पर charge नहीं लगेगा।

आम UPI यूजर को क्या करना होगा?

अगर आप किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को UPI से पैसे भेजते हैं, तो उस पर proposed MDR का असर नहीं होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

  • P2P UPI transactions free रहेंगे।
  • ग्राहकों से UPI transaction fee नहीं ली जाएगी।
  • रोजमर्रा के अधिकांश UPI payments free रहेंगे।
  • संभावित MDR केवल सीमित merchant transactions पर लागू होगा।

इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों से सावधान रहना चाहिए कि “अब ₹2,000 से ऊपर UPI करने पर हर व्यक्ति से पैसा कटेगा।” अभी ऐसा कोई blanket charge लागू नहीं हुआ है।

MDR क्या होता है?

MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो digital payment को process करने के लिए merchant side से bank या payment service provider को दिया जाता है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी eligible merchant के ₹10,000 के transaction पर भविष्य में 0.5% MDR लागू होता है, तो शुल्क ₹50 होगा।

लेकिन वास्तविक rate, threshold और किन merchants पर लागू होगा—ये सब अंतिम notification और framework पर निर्भर करेगा।

सरकार ने UPI पर charge की बात क्यों शुरू की?

UPI का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ा है। इसके साथ payment infrastructure, cybersecurity, fraud prevention और technology maintenance की लागत भी बढ़ रही है।

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि UPI को लंबे समय तक मजबूत और sustainable बनाए रखने के लिए एक ऐसा revenue model जरूरी हो सकता है, जो सरकार की subsidy पर पूरी तरह निर्भर न हो।

एक संसदीय समिति ने भी UPI ecosystem की वित्तीय sustainability को लेकर tiered revenue model पर विचार करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के अनुसार UPI ecosystem की operational cost और सरकारी allocation के बीच बड़ा अंतर है।

क्या छोटे दुकानदारों पर भी लगेगा MDR?

फिलहाल सरकार की तरफ से संकेत है कि छोटे merchants को संभावित MDR से बचाया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सब्जी विक्रेता, चाय की दुकान और छोटे hawkers जैसे छोटे कारोबारियों को proposed MDR के दायरे में नहीं लाया जाएगा।

इसका उद्देश्य यह है कि छोटे कारोबारियों के लिए UPI payment सुविधा पहले की तरह आसान और कम लागत वाली बनी रहे।

₹2,000 वाला आंकड़ा आया कहां से?

₹2,000 का आंकड़ा फिलहाल रिपोर्ट किए गए संभावित framework से जुड़ा है, न कि किसी लागू सरकारी fee से।

Reuters के मुताबिक संभावित व्यवस्था में ₹2,000 से अधिक के merchant transactions और बड़े annual turnover वाले merchants को target किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार ऐसे transactions संख्या के हिसाब से UPI merchant payments का छोटा हिस्सा हैं, हालांकि transaction value में उनका हिस्सा काफी बड़ा है।

इसलिए headline में यह कहना कि “₹2,000 से ऊपर UPI पर charge लग गया” गलत होगा।

सही बात यह है कि ₹2,000 से ऊपर के कुछ merchant payments पर future MDR की संभावना पर चर्चा चल रही है।

UPI पर कितना charge लग सकता है?

अभी final rate तय नहीं है।

रिपोर्टों में संभावित MDR करीब 0.3% से 0.5% के आसपास बताया गया है। दूसरी रिपोर्टों में 0.25% से 0.4% जैसी संभावित दरों का भी उल्लेख किया गया है। लेकिन जब तक आधिकारिक framework जारी नहीं होता, इसे final rate नहीं माना जा सकता।

क्या PhonePe, Google Pay और Paytm पर असर पड़ेगा?

अगर future में merchant MDR लागू किया जाता है, तो इसका असर UPI ecosystem में काम करने वाले banks, payment service providers और merchants पर पड़ेगा।

भारत में UPI के बड़े platforms में Google Pay, PhonePe और Paytm शामिल हैं। जुलाई 2026 में UPI network ने करीब 24 billion monthly transactions process किए और transaction value लगभग ₹29.87 लाख करोड़ रही।

ऐसे विशाल payment network को बनाए रखने के लिए payment infrastructure में लगातार investment की जरूरत होती है।

क्या ग्राहक से पैसा कटेगा?

नहीं, सरकार की मौजूदा स्थिति के अनुसार ग्राहकों से UPI transaction charge नहीं लिया जाएगा।

अगर भविष्य में MDR लागू होता है, तो यह merchant-side charge होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI users और P2P transactions free रहेंगे।

हालांकि, merchant पर लगने वाले किसी शुल्क का अंतिम आर्थिक असर कुछ मामलों में pricing के जरिए ग्राहक तक पहुंच सकता है। यह पूरी तरह merchant और future regulatory framework पर निर्भर करेगा।

UPI का भविष्य क्या है?

भारत सरकार UPI को केवल घरेलू payment system के रूप में नहीं, बल्कि global digital payment infrastructure के रूप में भी आगे बढ़ा रही है।

इसलिए सरकार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं—UPI को आम लोगों के लिए affordable बनाए रखना और इसके विशाल infrastructure को financially sustainable बनाना।

संभावित MDR इसी संतुलन को बनाने की कोशिश का हिस्सा है।

निष्कर्ष

UPI को लेकर फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि ₹2,000 से ऊपर के सभी payments पर कोई charge लागू नहीं हुआ है।

सरकार ने कानून में ऐसा रास्ता जरूर खोला है, जिससे भविष्य में कुछ चुनिंदा merchant transactions पर MDR लगाया जा सके। संभावित framework में ₹2,000 से अधिक के high-value merchant transactions और बड़े कारोबारियों को शामिल किए जाने की चर्चा है।

लेकिन आम UPI user के लिए P2P payment और रोजमर्रा के अधिकांश transactions free रहने की सरकार ने पुष्टि की है।