NSE : शेयर बेचने-खरीदने पर नया नियम सोमवार से लागू! पैसा नहीं होगा ब्लॉक, जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की क्लियरिंग कंपनी NSE Clearing सोमवार, 17 अगस्त 2026 से Securities Lending and Borrowing (SLB) व्यवस्था में R3 सीरीज के नए कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने जा रही है। इसका मकसद शेयर उधार लेने और देने वाले बाजार प्रतिभागियों को कम अवधि का एक नया विकल्प उपलब्ध कराना है।
हालांकि, इसे सामान्य शेयर खरीदने-बेचने के नियम में बदलाव समझना सही नहीं होगा। R3 सीरीज खास तौर पर SLB व्यवस्था के लिए है, जिसमें एक निवेशक अपने शेयर उधार देता है और दूसरा प्रतिभागी उन्हें तय अवधि के लिए उधार लेता है।
R3 कॉन्ट्रैक्ट में क्या खास होगा?
NSE Clearing के नए ढांचे में R3 कॉन्ट्रैक्ट का पहला लेग T+1 आधार पर सेटल होगा, जबकि इसका रिवर्स लेग T+3 पर सेटल किया जाएगा। यहां T का मतलब ट्रेड का दिन है। बाजार अवकाश होने की स्थिति में संबंधित सेटलमेंट कैलेंडर लागू होगा।
इससे SLB में पहले से मौजूद अपेक्षाकृत लंबी अवधि वाले विकल्पों के अलावा कम अवधि का कॉन्ट्रैक्ट भी उपलब्ध हो जाएगा।
किन शेयरों में मिलेगा यह विकल्प?
R3 सीरीज सभी शेयरों के लिए उपलब्ध नहीं होगी। यह केवल उन सिक्योरिटीज में लागू होगी जो Equity Derivatives यानी Futures & Options (F&O) segment में ट्रेडिंग के लिए eligible हैं।
इसका मतलब यह है कि हर सामान्य NSE-listed stock में R3 SLB contract उपलब्ध होगा, ऐसा नहीं है।
सबसे बड़ा बदलाव: Recall और Rollover नहीं
R3 कॉन्ट्रैक्ट की एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इसमें मौजूदा SLB कॉन्ट्रैक्ट्स की तरह repayment, recall और rollover की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। यानी प्रतिभागियों को कॉन्ट्रैक्ट में प्रवेश करने से पहले उसकी पूरी अवधि और शर्तों को समझना होगा।
साथ ही, किसी कंपनी की AGM या EGM होने पर R3 कॉन्ट्रैक्ट को उस वजह से समय से पहले बंद नहीं किया जाएगा।
SLB आखिर होता क्या है?
Securities Lending and Borrowing यानी SLB एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें शेयर रखने वाला निवेशक अपने शेयर एक तय अवधि के लिए दूसरे बाजार प्रतिभागी को उधार दे सकता है और इसके बदले फीस प्राप्त कर सकता है।
दूसरी तरफ, शेयर उधार लेने वाला प्रतिभागी इन सिक्योरिटीज का इस्तेमाल अपनी ट्रेडिंग रणनीति के अनुसार कर सकता है और तय नियमों के तहत उन्हें वापस करता है।
यही व्यवस्था शॉर्ट-सेलिंग जैसी गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
क्या इससे सामान्य शेयर खरीदने पर पैसा ब्लॉक होना बंद हो जाएगा?
नहीं।
यह इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। R3 सीरीज को सामान्य cash-market share buying/selling का नया नियम नहीं समझना चाहिए।
इसका सीधा संबंध NSE Clearing की SLB scheme से है। इसलिए अगर आप सामान्य तौर पर NSE पर शेयर खरीदते या बेचते हैं, तो सिर्फ R3 लॉन्च होने की वजह से आपके सामान्य ट्रेड का पैसा ब्लॉक होने का नियम खत्म नहीं हो जाता।
ट्रेडर्स के लिए इसका क्या मतलब?
R3 सीरीज से उन बाजार प्रतिभागियों को फायदा हो सकता है जिन्हें SLB में लंबे समय के बजाय कम अवधि का शेयर lending/borrowing contract चाहिए।
लेकिन छोटी अवधि के साथ एक सीमा भी है—rollover और recall जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी। इसलिए ट्रेड लेने से पहले settlement date और contract की शर्तों को समझना जरूरी होगा।
NSE Clearing के अनुसार R3 सीरीज 17 अगस्त 2026 से रोज उपलब्ध होगी।
इंडिया नेशन लाइव के लिए विशेष रूप से प्रकाशित
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