भारत में Electronics Manufacturing को बड़ा boost! 29 नए प्रोजेक्ट मंजूर, ₹84,515 करोड़ के उत्पादन का अनुमान

नई दिल्ली: भारत को electronics manufacturing का global hub बनाने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Electronics Component Manufacturing Scheme (ECMS) के तहत 29 और projects को मंजूरी दी है।
इन परियोजनाओं में करीब ₹7,104 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। सरकार के अनुमान के मुताबिक इन projects से लगभग ₹84,515 करोड़ का उत्पादन और 14,246 direct jobs पैदा हो सकती हैं।
मोबाइल से लेकर ऑटो सेक्टर तक बनेगा सामान
ECMS के तहत मंजूर परियोजनाओं में ऐसे electronic components तैयार किए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल कई अलग-अलग industries में होता है।
इनमें शामिल हैं:
- Display modules
- Antennas
- Capacitors
- Connectors
- Heat sinks
- Li-ion cells
- Relays
- Resistors
- Flexible PCBs
- Inductors
- SMD passive components
इनका इस्तेमाल मोबाइल फोन, telecom equipment, consumer electronics, automobiles, IT hardware और strategic electronics जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
भारत की electronics supply chain होगी मजबूत
भारत में smartphones और electronic devices का production पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। लेकिन कई महत्वपूर्ण components के लिए अभी भी दूसरे देशों पर निर्भरता रही है।
ECMS का उद्देश्य इसी dependency को कम करके देश के अंदर components और sub-assemblies का मजबूत manufacturing ecosystem तैयार करना है।
सरकार की योजना domestic companies को global supply chains से जोड़ने और भारत में value addition बढ़ाने की है।
ECMS में अब तक कितने projects मंजूर हुए?
मार्च 2026 में चौथे tranche के 29 projects की मंजूरी के साथ ECMS के तहत approved applications की संख्या 75 तक पहुंच गई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार इन approvals के बाद कुल planned investment करीब ₹61,671 करोड़ और direct employment potential करीब 65,040 तक पहुंच गया था।
इससे पहले सरकार ने तीन tranches में 46 projects को मंजूरी दी थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन तीन चरणों में कुल ₹54,567 करोड़ का investment और ₹3.59 लाख करोड़ से ज्यादा का projected production था।
सरकार ने ECMS का बजट भी बढ़ाया
Union Budget 2026-27 में Electronics Components Manufacturing Scheme के लिए कुल outlay को बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया गया है।
सरकार का लक्ष्य electronics components के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना, import dependence कम करना और भारत को global electronics supply chain में मजबूत position दिलाना है।
किन कंपनियों को मिला फायदा?
ECMS के अलग-अलग tranches में कई बड़ी कंपनियों और उनके subsidiaries को मंजूरी मिली है। इनमें Foxconn, Dixon, Syrma SGS और TDK से जुड़ी कंपनियां जैसी कंपनियां शामिल हैं।
कुछ projects camera modules, PCBs, electronic components, lithium-ion cells और mobile तथा IT hardware के enclosures जैसे products से जुड़े हैं।
भारत में बनेंगे critical components
इस scheme की खासियत यह है कि इसका focus सिर्फ final products की assembly पर नहीं है।
सरकार अब उन components को भी भारत में बनाने पर जोर दे रही है, जो electronics manufacturing की पूरी supply chain के लिए जरूरी हैं।
इसमें PCBs, camera modules, connectors, passive components, Li-ion cells और अन्य specialized components शामिल हैं।
इससे भविष्य में भारत में बनने वाले smartphones, computers, telecom equipment और दूसरे electronic products में domestic value addition बढ़ सकती है।
सरकार की नजर सिर्फ manufacturing पर नहीं
Electronics Minister Ashwini Vaishnaw ने ECMS beneficiaries को domestic design capabilities विकसित करने पर भी जोर दिया है।
सरकार ने संकेत दिया है कि जिन कंपनियों की projects में पर्याप्त design capability विकसित नहीं होगी, उनके incentives और participation की समीक्षा की जा सकती है।
इसका उद्देश्य सिर्फ भारत में manufacturing करवाना नहीं, बल्कि design से लेकर manufacturing और supply chain तक पूरा ecosystem तैयार करना है।
रोजगार के कितने अवसर बनेंगे?
मार्च 2026 में मंजूर 29 projects से अकेले 14,246 direct employment opportunities पैदा होने का अनुमान है।
इसके अलावा manufacturing units के आसपास logistics, packaging, maintenance, engineering, testing और ancillary industries में indirect employment के अवसर भी बन सकते हैं।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ECMS?
Electronics आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती manufacturing और export categories में से एक है।
सरकार के अनुसार 2014-15 से 2024-25 के बीच भारत का electronics production करीब छह गुना बढ़कर ₹11.3 लाख करोड़ हो गया। इसी अवधि में electronics exports भी तेजी से बढ़े हैं।
ऐसे में component manufacturing को बढ़ावा देने से भारत केवल electronics assembly centre न रहकर global supply chain का ज्यादा महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
